गुरुवार, 10 अगस्त 2017

आज का सवाल

फिर से आज हवाएं गर्म
आज एक भारत का धर्म।
लटकी है सर पे तलवार
गीदड़ करते छुपके वार।।

पहले वाला नहीं निजाम
अब तो है आराम हराम।
अब देना है ऐसा दर्द
छाती पीटें ये नामर्द।।
चीन कहें या पाकिस्तान ,
ताक़त इनका एक निदान। 
अब न बात करने का वक़्त ,
मारो या मरने का वक़्त। 

हिन्दू मुस्लिम नहीं सवाल
अब तो रखना यही खयाल।
जो भी भारत के गद्दार।
उनकी गर्दन पर तलवार।।
चाहे घर हो या बाहर ,
इनको हो भारत का डर। 
चीन कहो या पाकिस्तान ,
बने वहीं पे कब्रिस्तान। 

भारत माता रही पुकार
हर जवान थामे हथियार।
रावी को फिर कर दो लाल
अब के कट जाये जंजाल।।

भारत का जन गण है एक
देश भक्ति ही सबकी टेक।
जैश मुहम्मद या लश्कर
अबके है तगड़ी टक्कर।।

अब न प्रेम के हैं उपहार
अब तो चौतरफा फटकार।
अब निपटेंगे अपने आप
गधे न बन पाएंगे बाप।।

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