मंगलवार, 6 सितंबर 2011

Aaj ki Bat

अध्यापक दिवस पर कुछ औप्चरिक्ताएँ हुईं /कुछ शिक्षक सम्मानित भी हुए /लेकिन इस सब के बीच एक आम शिक्षक का दर्द कहीं दब कर रह गया / ग्यान की दुकानों पर विद्या का सही अर्थी पीछे खड़ा है और ग्यान की अरथी निकालने वाले थैलियाँ खोले खड़े हैं / क्या समाज शिक्षा की इस विद्रूपता और विसंगति पर गौर करेगा ?

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