शनिवार, 28 नवंबर 2015

Bharat Ek Hai

भारत की एकता का सिंधु है महान इसे बरसाती जल का तालाब न बनाइये गौतम कबीर रसखान रविदास मीरा जायसी के गीतों को भी आप ज़रा गाइये
भारत सदा से धैर्य रखता रहा है इस बात का भी आप इतिहास पलटाइए
यहाँ से जियादा मज़ा कहीं भी नहीं मिलेगा अपनी औलादों को ये सच बतलाइये

एक बरगद के सहारे गाय भैंस यहाँ साथ साथ बैठ के आराम फरमाती हैं
सारे सुख दुःख जो भी यहाँ से मिले हैं उन्हें एक दूसरे के साथ बांटती बताती हैं
वृक्ष भेद करता ना छाया बांटने में उन्हें यही भारतीय सत्य हमको बताती हैं
क्या है सहिष्णुता सहकार कहते है किसे जीवन का सत्य बिना बोले कह जाती हैं


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