सोमवार, 30 नवंबर 2015

Rashtriya Ekata

देश की महानता अनेकता में एकता का
भाव है दिखाती इसे सुन्दर बनाती है !
स्वाभिमान शून्य हैं अधैर्य मानते हैं इसे
बाज वक़्त वो ही उन्हें आईना दिखाती है!!
हिन्दू कोई जाति  नहीं ये तो है विचार दिव्य
भार जो उठाती वो ही भारती कहाती है !
सोच के विचार रखो तिनके सा बहो नहीं
ज़िन्दगी तो जाती पर बात रह जाती है !!

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