शुक्रवार, 4 जनवरी 2019

सृजन जीवन का करे उत्थान हर पल
सृजन ही है हृदय का परिपूर्ण सम्बल।।
सृजन सार्थक हो मनुज आगे बढ़ेगा,
सृजन कर्ता काल को भी जय करेगा।।
सृजन का संकल्प जीवन को सँवारे,
सृजन ही आलस्य अहि को घेर मारे।
इसलिए अपने सृजन पथ को सम्हालें
कुछ नया खोजें इसे तथा जीवन सजा लें।।
....😊😊😊

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

विशिष्ट पोस्ट

समाचार का व्रत रखिए

आजकल नकारात्मक समाचार ज्यादा बिकते हैं। हमारे समाज में ज्यादातर लोग एक प्रसिद्ध इन्सान के जुर्म का मुकदमा देखना किसी वास्तव में ...