शनिवार, 5 जनवरी 2019

पांच साल चादर पे दाग न लगा सके तो, 
राफेल की डील को ही ढाल ये बना रहे।
घोटालों के बड़े-बड़े नगाड़े नहीं मिले तो, 
राफेल की ढपली ही रोज ये बजा रहे।।
अपनी हज़ारों काली चादरें भुलाये बैठे,
अम्बानी अडानी पे ही कीचड़ उड़ा रहे।
सारे भेड़ लोमड़ औ बकरों के झुंड देखो,
शेर के शिकार की ये योजना  बना रहे।।...!!😊

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