गुरुवार, 10 जनवरी 2019

परमवीर वाटिका के बीसवें पुष्प..!!😊सादर नमन..!!😊😊

20. राइफलमैन संजय कुमार 1999 (कारगिल) (जीवित) 

3 मार्च 1976 को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में जन्मे संजय कुमार का बचपन से ही फौज में जाने का सपना था। 1996 में संजय कुमार ने भारतीय सेना में प्रवेश किया और सौभाग्य से फौज में जाने के मात्र 3 ही वर्षों में उन्होंने परमवीर चक्र सम्मान प्राप्त किया।
4875 फुट ऊंची चोटी के मोर्चे पर बहादुरी दिखाने वाले दो जवानों को परमवीर चक्र दिया गया जिनमें एक कैप्टन विक्रम बत्रा थे और दूसरे राइफलमैन संजय कुमार।
4 जुलाई 1999 को राइफलमैन संजय कुमार जब हमले के लिए आगे बढ़े तो एक जगह से दुश्मन ने ऑटोमेटिक गन से जबरदस्त गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद संजय ने अचानक हमला करके आमने-सामने की मुठभेड़ में 3 दुश्मनों को मार गिराया और जोश में गोलाबारी करते हुए वे आगे बढ़े। इस आक्रमण से दुश्मन बौखलाकर भाग खड़ा हुआ और इस भगदड़ में दुश्मन अपनी यूनि‍वर्सल मशीनगन भी छोड़ गया।
इस दौर में संजय कुमार खून से लथपथ होते हुए भी बिना रण छोड़े दुश्मन से जूझते रहे और जीत हासिल की।

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