बुधवार, 3 जुलाई 2024
प्रभात किरण (36)आप बलवान, स्वस्थ, तेजस्वी होने के जन्मसिद्ध प्रकृत अधिकारी हैं
आप बलवान, स्वस्थ, तेजस्वी होने के जन्मसिद्ध प्रकृत अधिकारी हैं। कभी मत कहिए कि मैं दुखी हूँ, अशक्त हूँ, गरीब हूँ, वृद्ध हूँ, बीमार हूँ, निर्बल हूँ । ये सब बातें शरीर संबंधी हैं । आप शरीर से ऊँचे हैं, आत्मा हैं, दैवी शक्ति के नायक हैं, सबके स्वामी हैं। आप अपने मन पर पूर्ण अधिकार कीजिए, उसे बलवान बनाइए। शरीर भी मन की आज्ञा मानेगा। फिर दुःख, चिंता, निर्बलता, वृद्धावस्था या असफलता का अस्तित्व न रहेगा । निर्बलता छोड़ दीजिए, भ्रम के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश में जागिए । कायरपन के शब्दों का व्यवहार अपनी बातों में कदापि न कीजिए। हृदय और मन में दु:ख, शोक, रोग, पीड़ा, हानि, निर्बलता एवं आपत्ति की बातों को स्थान मत दीजिए। इनसे सामर्थ्य शिथिल होती है।
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