शुक्रवार, 12 जुलाई 2024

प्रभात किरण (42)दूसरों की आलोचना करना बड़ा खतरनाक है । आलोचना इस ढंग से की जाए कि दूसरे की कमजोरियों पर एक इशारा मात्र हो

दूसरों की आलोचना करना बड़ा खतरनाक है । आलोचना इस ढंग से की जाए कि दूसरे की कमजोरियों पर एक इशारा मात्र हो जाए। भोंडे तरीके से की गई आलोचना या व्यर्थ का दोषारोपण बड़ी हानि पहुँचाता है। अच्छा तो यह है कि आप इस कार्य से दूर ही रहें और इस काम को किसी दूसरे ही को करने दें। यदि करना ही पड़े तो घुमाकर दूसरे की निर्बलताओं की ओर संकेत ही कीजिए । दूसरा जब समझता है कि उसके विषय में आपके हृदय में अति उच्च धारणाएँ हैं, तो वह केवल आपको प्रसन्न करने मात्र के लिए उसी स्टैंडर्ड तक आने की चेष्टा करता है। यदि उसमें कोई दुर्गुण भी होता है, तो उसको भी त्याग देता है, प्रत्येक व्यक्ति में दिलचस्पी लेकर उसकी गुप्त दुनिया में प्रवेश कीजिए, उसके गुण-दोष देखिए । फिर प्रीतियुक्त दृष्टिकोण और शहद सी मधुर भाषा में उसे समझाइए ।

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