सोमवार, 15 जुलाई 2024

प्रभात किरण(45)परिवर्तन का नियम

हम लोगों के लिए यह उद्योग की दुनिया से कहीं अधिक आसान है, क्योंकि हमें परिवर्तन की दिशाओं का अनुमान नहीं लगाना पड़ता । हम पहले से जानते हैं कि हमारे लिए कौन से गुण आवश्यक हैं। हमें बस अपने आप को बदलते हुए समय के संकेतों की दिशा में चलना होता है।

कुछ विचार लोकप्रिय हो जाते हैं, क्योंकि वे विश्वसनीय लगते हैं। अन्य धारणाएँ तथ्यों के रूप में स्वीकार कर ली जाती हैं, क्योंकि उनका जोरदार खंडन नहीं किया गया है। उनमें परिवर्तन के बारे में कुछ प्रचलित धारणाएँ शामिल हैं।

अपने आप को बदलने की अवधारणा आध्यात्मिक उद्देश्य से संबंधित मानी जाती है। और यह सच भी है, क्योंकि यह बात स्वीकार करने के लिए लौकिक शक्ति से कहीं अधिक की जरूरत होती है कि हमारे अंदर कमजोरियाँ भी हैं और उन्हें सुधारने की जरूरत है।

बहरहाल, इन धारणाओं के विपरीत, परिवर्तन सिर्फ आध्यात्मिकता का एक अंश नहीं है, न ही वह मात्र एक अंदरूनी प्रक्रिया या फिर हमेशा एक व्यक्ति का लक्ष्य है। परिवर्तन एक बड़ी चीज है और मेरा मतलब सिर्फ पैसे के संदर्भ में नहीं है। मेरा मतलब यह है कि परिवर्तन व्यक्तियों से भी अधिक हर कहीं कॉरपोरेटों के लिए अनिवार्य है।

परिवर्तन कॉरपोरेटों के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है? क्योंकि कॉरपोरेट में उन ब्रांडों और कंपनियों की कब्र बन जाती है, जो चेतावनी को अनदेखा करके परिवर्तन से इनकार कर देते हैं। बस एक बात याद करने की कोशिश कीजिए। दो दशक पहले आपने कोई कार्यालय ऐसा देखा था, जहाँ पर टाइपराइटर न हो?अब,कंप्यूटरों, लैपटॉपों और आईपैडों की इस दुनिया में आपने आखिरी बार टाइपराइटर कब देखा था?

कंप्यूटर युग के साथ आनेवाले बदलाव ने टाइपराइटर कंपनियों जैसे रेमिंगटन, स्मिथ- कोरोना या ओलिवेटी को व्यवसाय से बाहर कर दिया। इसी प्रकार टेप या ऑडियो कैसेटोंवाले पुराने टेपरिकॉर्डर याद हैं? हम अब भी उन्हें टेपरिकॉर्डर कहते हैं, जबकि उनमें कोई टेप नहीं होता। डिजिटल युग ने उस सब को पुराना कर दिया और ग्रंडिग तथा अकाई जैसे ब्रांडों को डुबो दिया। प्रौद्योगिकी ने पारंपरिक टेलीविजनों, ओवनों और टेलीफोनों के उत्पादकों को भी इतिहास के गर्त में डुबो दिया है।

60 के दशक में जापानी कंपनियों की मार की बदौलत बहुत सी अमेरिकी ऑटोमोबाइल कंपनियाँ, साथ ही कई बड़ी यूरोपीय घड़ी और कैमरा व इलेक्ट्रोनिक ब्रांड गायब हो गए। अब जापानी ब्रांड खुद ही कोरियाई कंपनियों से पीछे छूट गए हैं और दुनिया की फैक्टरी अब चीन है जहाँ सबकुछ और कुछ भी जोड़ा जा सकता है। देशों और उद्योगों के बीच अस्तित्व के लिए ऐसी थकाऊ लड़ाइयों ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों को यह एहसास करा दिया है कि 'यदि आप नहीं बदलेंगे, तो आपका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।'

यही वजह है कि परिवर्तन कॉरपोरेटों के लिए एक अत्यंत गंभीर, करोड़ों डॉलर का व्यवसाय है। और, बदलने में विफल रहना उनके लिए व्यावसायिक रूप से घातक हो सकता है, जबकि व्यक्तियों के मामले में ऐसा नहीं होता। कॉरपोरेटों के लिए परिवर्तन सँभालना अधिक मुश्किल इसलिए है, क्योंकि उन्हें सटीक पूर्वानुमान लगाना पड़ता है कि उनके व्यवसाय का कौन सा अंग बदलेगा। वह प्रौद्योगिकी होगी या डिजाइन या उपभोक्ता की रुचि? और परिवर्तन का आवेग किस दिशा में महसूस होगा?

हम लोगों के लिए यह उद्योग की दुनिया से कहीं अधिक आसान है, क्योंकि हमें परिवर्तन की दिशाओं का अनुमान नहीं लगाना पड़ता। हम पहले से जानते हैं कि हमारे लिए कौन से गुण आवश्यक हैं। हमें बस अपने आप को बदलते हुए समय के संकेतों की दिशा में चलना होता है।

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