विचारों और अवसाद के बीच का संबंध, जो इन दिनों बहुत व्यापक है। अवसाद के विभिन्न कारण होते हैं, परंतु बार-बार आनेवाले नकारात्मक विचारों से वह बदतर हो जाता है।कुछ लोगों में किसी भी अवांछित घटना की तर्कसंगत व्याख्या की क्षमता होती है, परंतु बहुत से लोग ऐसा नहीं कर पाते और अवसादपूर्ण विचारों में उलझ जाते हैं, बदतरीन स्थिति में उन्हें पूरी तरह बेकार बना सकते हैं। सबसे अधिक बिकने वाली दवाओं में अवसाद से लडनेवाली दवाओं का होना यह स्पष्ट करता है कि हमारे जड़हीन समाजों में अवसाद कितना व्याप्त हो गया है, जहाँ एक संयुक्त परिवार व्यवस्था का सहारा समाप्त हो गया है।
तो, विचारों को नियंत्रित करने का तरीका क्या है? जैसा कि मैंने पहले स्पष्ट किया है, क्रोध को नियंत्रित करने का एक तरीका पचास से शून्य तक की उलटी गिनती करना है।
एक और तरीका है, अपने जीवन के आनंदपूर्ण पलों को याद करना । जैसे अपने बचपन की स्मृतियाँ, आखिरी बार देखा खूबसूरत सूर्यास्त, अपनी माँ के साथ के कोमल पल या अपने प्रिय का स्पर्श ।
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