इसलिए,यदि आप लिख रहेहैं, तो लेखन में खुद को डुबो दें। यदि आप नृत्य कर रहे हैं तो उसमें खो जाएँ। और यदि बारिश हो रही है, जो वर्षा के मौसम में होती है, तो बाहर जाकर उसका आनंद लें। हर पल को इस तरह जीएँ और उसका मजा लें, जैसे कि वह आपका आखिरी पल हो । अंग्रेजी में एक कथन है कि यदि आप सिक्कों का ध्यान रखेंगे, तो पाउंड अपना ध्यान खुद रख लेंगे। इसी प्रकार, यदि हम अपने छोटे- छोटे पलों को भरपूर जीएँ, तो हमारा जीवन अपने आप खुशगवार हो जाएगा। प्रेरणादायी और आत्मनिर्भरता पर लिखनेवाले दुनिया के सबसे अधिक पढ़े जानेवाले लेखकों में एक ओग मेंडिनो (अमेरिका), जिन्होंने जीवन की चुनौतियों से जूझ रहे लोगों को उम्मीद की किरण दिखाई है, के अनुसार -:
"इस दिन को ऐसे जीएँ मानो यह आपका आखिरी दिन है। याद रखिए कि आपको 'आनेवाला कल' सिर्फ मूर्खों के कैलेंडर पर मिलेगा। बीते हुए कल की पराजयों को भूल जाएँ और आनेवाले कल की समस्याओं को अनदेखा कर दें। यह कयामत का दिन है, जो आपके पास है। इसे वर्ष का बेहतरीन दिन बनाएँ। आप जो सबसे दुःखद शब्द बोल सकते हैं, वह है : 'यदि मुझे एक और जिंदगी मिल जाती !' अभी कमर कस लें। और दौड़ पड़ें! यह आपका दिन है!"
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