सोमवार, 16 सितंबर 2024

(61-65) अगर समस्या है जटिल,दीजै उसे बताय

61.अगर समस्या है जटिल, 

दीजै उसे बताय । 

सहयोगी मिल जाय तो, 

शायद हल हो जाय।। 

समस्या गर बँट जाऐं, 

कि हल आधी हो जाये ।। 


62.परम्परा से हो रहा, 

यदि कोई अन्याय । 

दुर्बल सहते इसलिये, 

वो नहिं उचित कहाय।। 

बुराई सदा बुराई, 

उचित ना वो कहलाई।। 


63.कला कुशलता के शिखर 

जिनने छुए महान । 

उन पर भी प्रारम्भ में, 

हावी था अज्ञान ।। 

सीख कर कोई न आता, 

यहीं पर अनुभव पाता ।। 


64.छोटे डग भरते रहें,

आतीं मंजिल पास। 

कठिन लक्ष्य बनते सहज, 

करें सतत् अभ्यास ।। 

निरन्तर करें परिश्रम, 

लगे फिर हर दूरी कम ।। 


65.मानव सहज स्वभाव है, 

करें नित्य नव भूल । 

दोष लगता गैर पर, 

डालें सच पर धूल ।। 

कि अपने दोष छुपाता, 

दूसरों पर लद जाता।। 

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