बुधवार, 23 जनवरी 2019

कैसे बनी भारत की पहली फीचर फिल्म...!! (भाग-1)

हिंदी सिनेमा के पितृ पुरुष दादा साहेब फाल्के ने पहली भारतीय फीचर फिल्म 'सत्य हरिश्चंद्र' का निर्माण किया और उनके साहसिक प्रयास ने भारत में फ़िल्म निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।
गंगाधर महम्ब्रे की पुस्तक ' फ़िल्म उद्योगी दादा साहब फाल्के' हमें उनके जीवन एवं जीवट के बारे में बताती है....!!
इसी पुस्तक के चुने हुए अंश रूप में प्रस्तुत है ....भारत की पहली फीचर फिल्म के निर्माण की कहानी...दादासाहब फाल्के की पत्नी श्रीमती सरस्वती बाई फाल्के की जुबानी....😊😊!!
आशा है यह आपको रोचक एवम ज्ञान वर्धक ही नहीं, संग्रहणीय भी लगेगी। यह श्रृंखला लंबी चले ऐसा प्रयास है..!! आप के प्रेम,स्नेह एवं आशीर्वाद की अपेक्षा के साथ..!!*****************कौशल किशोर भट्ट😊!!
😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺

सन 1870 में जन्मे और 1944 में चल बसे दादा साहब का वास्तविक नाम धुंधीराज गोविंद फाल्के था।
आपने कुल 9 फिल्में बनाई।
प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार इनकी स्मृति में ही दिया जाता है।
3 मई 1913 को प्रदर्शित 'राजा हरिश्चन्द्र' भारत की पहली फीचर फिल्म थी जिसकी लंबाई 40 मिनट थी।
20 हज़ार रुपये में बनी इस फ़िल्म ने47 हज़ार रुपये की कमाई की।
इस तरह देखा जाए तो यह एक हिट फिल्म कही जाएगी।
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...........तोआइये शुरू करते हैं भारतीय सिनेमा की एक महत्व पूर्ण घटना का उसके शब्दों में वर्णन.....जिन्होंने न केवल रचनाकार का हर कदम पर साथ दिया बल्कि उसके निर्माण के हर पल को जिया और महसूस किया...!!

*******..........फिर इन्होंने मशीनें जुटाईं।मैंने भी इसमें उनकी मदद की। इन्होंने मुझे फ़िल्म परफोरेट करना सिखाया।उस समय हम बिना छेद की फिल्में ही इस्तेमाल करते थे।कच्ची फिल्में उस वक्त 100 फीट की एक फ़िल्म के हिसाब से आया करती थीं।फ़िल्म परफोरेट कर के कैमरे में भरना उन्होंने ही मुझे सिखाया।फ़िल्म परफोरेट करते समय हाथ से एक मशीन को चलाना पड़ता था, जिससे मेरे हाथ बहुत दुखने लगते थे।।घर का सारा काम मुझे ही करना पड़ता  था अतः कभी बहुत ऊब जाती थी तो हमारे बच्चे 10-15 फिट परफोरेट कर देते थे।
फ़िल्म परफोरेट करने के बाद इसे स्लाइड में भर कर कैमरे में कैसे एडजस्ट करें ये भी इन्होंने ही मुझे बताया था।
हमारा ये काम रात को ही होता था।
हमारा कैमरा विलियम्सन्स का था और प्रोजेक्टर जर्मन मेड था।...(जारी है...!!😊)

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