आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति व्यस्त है, तनाव युक्त है और इसी के साथ-साथ दुर्घटनाएं व बीमारियां भी इस जीवन शैली का अभिन्न हिस्सा बन गयी हैं। होम्योपैथी एक ऐसी निरापद चिकित्सा प्रणाली है जो दीर्घकालिक रोगों में तो रामबाण है ही, लेकिन आकस्मिक दुर्घटनाओं व दैनंदिन रोगों में भी यह बहुत प्रभावी सिद्ध होती है। यद्यपि होम्यो पैथी में किसी रोग के लिए कोई स्पेसिफिक दवा नहीं होती क्योंकि यह लक्षण प्रधान चिकित्सा पद्धति है। फिर भी कुछ दवाएं कुछ विशेष परेशानियों में बेहद अचूक पाई गयी हैं।
इन दवाओं को आपके घरेलू फर्स्टएड बॉक्स में ज़रूर होना चाहिए। बच्चों और बड़े बुर्जगों के लिए होम्योपैथी एक वरदान है।
यहाँ ऐसी ही कुछ दवाओं के बारे में बताया जा रहा है। आशा है हमारे मित्र बन्धु इससे अवश्य लाभान्वित होंगे। आप इसे शेयर करने के लिए स्वतंत्र हैं। शेयर कीजिये और अपने प्रिय जनों को स्वस्थ व सुखी रखिये..💐💐 जय श्री राम💐💐(निवेदन-: विशेष परिस्थिति में किसी योग्य चिकित्सक की सलाह भी अवश्य लें)1.एसिडिटी- बायो कॉम्बिनेशन 25
2.मुहांसे- हिपर सल्फ 30
3.गुम चोट या मोच- आर्निका मोन्टाना 30
4.जलना- कैंथरिस30
5.पेटदर्द- कोलोसिन्थ 30
6.अपच- पल्सेटिला 30
7.कब्ज- नक्स वोमिका 30
8.कफ- बेलाडोना 30
9.कटे छिले घाव- कैलेंडुला 30
10.दस्त (पेट दर्द के साथ)- पोडोफायलम30
11.दस्त (बिना दर्द के)-चायना30
12.खूनी पेचिश-( खून कम हो) मर्कसोल 30
खूनी पेचिश-(खून ज्यादा हो)मर्ककोर 30
13.कान दर्द- हिपर सल्फ30 व म्युलिन आयल
14.अफारा- कार्बोवेज30
15.कीड़ा काटना- लीडम पेलिस्टर 30
16.पेशियों की ऐंठन (बाएंटा)- मैग-फास 30
17.जोड़ों का दर्द- रसटाक्स30
18.टॉन्सिल दर्द - टांसिलेट टेबलेट व बेलाडोना30
19.अनिद्रा- ट्रैंक्विल टेबलेट
( इसकी आदत नहीं पड़ती)
20.दाँत दर्द ( ठंडा गर्म से टीस लगने पर)
- स्टेफीसेगरिया30
21.दाँत दर्द ( गर्म कुल्ले करने से आराम)
- मैगफॉस30
22.सूखी उबकाई व उल्टी - ईपीकॉक30
23.यात्रा में या कार-बस में चक्कर आना
- काक्यूलस इंडिकस30
24.सुई कील या कांटा आदि गड़ना- लीडम 30
25.मुँह के छाले- बोरेक्स30
26.आंख की गुहेरी-
पल्सेटिला30 या स्टेफीसेगरिया30
💐 इसके अलावा नीचे लिखी ये दवाएं भी घर पर हमेशा रखें, एवं यथाविधि ज़रूरत पड़ने पर आधा कप पानी में इनकी 7-8 बूंदें डाल कर उसकी पट्टी भिगो कर तकलीफ वाले स्थान पर रखें।
इनकी 30 पोटेंसी की दवा को गोलियों में बनवा कर रखें जिससे यह लंबे समय तक नष्ट नहीं होतीं। उन्हें 4-5 गोलियों के रूप में ( तकलीफ के भीषणता के अनुसार ) दिन में 4-5 बार दें।
1.स्टेफी सेगिरिया Q
(धारदार वस्तु से कटने पर),
2.आर्निका Q
(खून जमना,नील पड़ना, गुम चोट)
3.लीडम Q ( कील, कांटे आदि नुकीली वस्तु)
4.कैंथरिस Q ( जलने या झुलसने पर )
5.कैलेंडुला Q
(कटे-छिले घाव, फोड़े-फुंसी आदि)
💐💐💐💐💐
इस बारे में कुछ पूछना हो तो 9045472290 पर call कर सकते हैं। .........एक होम्यो-सेवक!!
बुधवार, 16 सितंबर 2020
होम्योपैथी फर्स्ट एड बॉक्स - हर घर में ज़रूरी
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
विशिष्ट पोस्ट
समाचार का व्रत रखिए
आजकल नकारात्मक समाचार ज्यादा बिकते हैं। हमारे समाज में ज्यादातर लोग एक प्रसिद्ध इन्सान के जुर्म का मुकदमा देखना किसी वास्तव में ...
-
आत्मबोध के लक्ष्य में हमारे सामने आनेवाली सबसे बड़ी बाधा अहं है। जब हम भौतिक अर्थ में सफलता प्राप्त करते हैं तो अहं अपने आप पुष्...
-
लौट आओ प्यारी गौरैया (20मार्च विश्व गौरैया दिवस) गौरैया रोज़ आती। घर आंगन में सुबह से चींचीं करती, फुदकती, दाना चुगती और ज़रा-सी आहट पर फुर...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें