रविवार, 26 मई 2024

प्रभात किरण (18 ) प्रश्न पूछने में न हिचकें


"वह व्यक्ति जो प्रश्न पूछता है सिर्फ पांच मिनट के लिए अज्ञानी हो सकता है परन्तु जो नहीं पूछता वह पूरी ज़िन्दगी मूर्ख रहता है।" यह एक पुरानी चीनी कहावत है। 

आप जितना ज्यादा मांगते हैं उतना ही ज्यादा पाते हैं परन्तु इसका अच्छा अभ्यास करना पड़ता है। सफलता एक आंकड़ों का खेल है। जैसा कि बौद्ध साधुओं का कहना था, "हर वह तीर जो निशाने पर लगता है कम से कम सौ चूके हुए निशानों का परिणाम होता है।" 

अपनी प्रश्नकर्ता मांसपेशियों' को लचीला बनाइए । आपको आश्चर्य होगा कि प्रश्न पूछने की प्रकृति विकसित करते ही आपके जीवन में परिपूर्णता और प्रचुरता का बहाव होने लगेगा अगर आप सिर्फ वह पूछना शुरु करेंगे जो आप सच्चाई के साथ चाहते हैं। याद रखिए कि अगर एक व्यक्ति वह मांगता है जो उसको चाहिए जो कम से कम उसे यह आशा होती है कि शायद उसकी मांगी हुई चीज़ उसे मिल जाए। परन्तु जो व्यक्ति नहीं मांगता उसके लिए तो आशा की कोई भी किरण नहीं होती है। 

अंत में  सॉमरसेट मॉम का लिखा हुआ यह उदाहरण भी विचारणीय है 

“जीवन भी काफी अद्भुत है। अगर आप सर्वोत्तम से नीचे कुछ भी नहीं स्वीकार करते हैं तो अक्सर वह आपको मिलता भी है।"



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