सोमवार, 27 मई 2024

प्रभात किरण (19)हमारे कण-कण में ईश्वरीय शक्ति का निवास है

मनुष्य के अंदर ईश्वर का जो केंद्र है, उसे हम 'आत्मा' कहते हैं। यह मनुष्य का शक्तिकेंद्र है, जिसके द्वारा हमें ईश्वर के गुप्त संदेश निरंतर मिला करते हैं। आत्मा के आदेश से मनुष्य श्रेष्ठतम कर्त्तव्य की ओर चलता है, पुण्य संचय करता है, अन्य प्राणियों से उच्च स्तर पर चढ़ता है। सद्गुणों को बढ़ाता है, आत्मबल को विकसित करता है, बुद्धि को तीव्र करता है तथा विवेक को जाग्रत करता है। वास्तव में मनुष्य में अन्य जीवों से अधिक विकसित होने की जो क्रिया चल रही उसका प्रधान कारण आत्मा के गुप्त दैवी आदेश हैं।हमारा वह शक्तिशाली पिता, हमारे पीछे है, तब हम भला कैसे अशक्त, असहाय और अयोग्य बने रह सकते हैं ? हम स्रष्टा हैं। शुचि हैं। हम निर्विकार हैं। हमारे कण-कण में ईश्वरीय शक्ति का निवास है । हमें इस आत्मशक्ति से सर्वत्र राज्य करना है ।




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