इन नकारात्मक शक्तियों का कोई स्थूल शरीर तो होता नहीं, परंतु इसके सूक्ष्म शरीर की सूँघने की शक्ति बहुत तीव्र होती है। इसके अतिरिक्त उन्हें बदबूदार, गंदी, मैली-कुचैली, टूटी-फूटी अँधेरी जगह और घर अच्छे लगते हैं। इस कारण जिन घरों में बदबू, गंदगी, अँधेरा आदि रहता है, वहाँ ऐसी ऊपरी हवाएँ (Astral boby) वास करती हैं और उस घर में बीमारी, कलह आदि फैलाती हैं।
इन नकारात्मक शक्तियों अर्थात् ऊपरी हवाओं को घर से भगाने का एक अच्छा और सरल उपाय है कि घर में ऐसी सुगंध पैदा करें, जिसे वे पसंद न करती हों, जैसे नीम की पत्तियों, गाय के गोबर से बने उपलों का धुआँ या फिर कपूर की सुगंध। जहाँ इन तत्त्वों का धुआँ होगा, ये उसे बरदाश्त नहीं कर पातीं और वहाँ से भाग जाती हैं। परंतु यह उपाय हमें लगातार कुछ दिनों करना चाहिए।
एक या दो बार में इस उपाय का कोई स्थायी असर नहीं होता। इसके अतिरिक्त घर की साफ-सफाई भी करनी चाहिए, जैसे घर से मकड़ी के जाले चीजों पर पड़ी धूल आदि की सफाई करना। हवन के धुएँ के पीछे भी यही विज्ञान व कारण है। हवन सामग्री की खुशबू वातावरण को तो करती ही है, साथ में अनिष्ट शक्तियों को घर से बाहर भी निकाल देती है । परंतु यह ध्यान रहे कि हवन सामग्री शुद्ध होनी चाहिए और उसमें डाला जानेवाला घी भी देसी गाय का ही होना चाहिए, क्योंकि देसी गाय और दूसरी गाय के घी के गुण-धर्म भिन्न होते हैं, साथ ही प्रभाव में भी अंतर होता है । जब हम सूक्ष्म बातों पर ध्यान न देकर अपने ही ढंग से धार्मिक कार्य करते हैं तो उनका मनोवांछित फल नहीं मिलता। फिर हम उन कार्यों को आडंबर का नाम दे देते हैं, जबकि दोष होता है हमारे अपने अपूर्ण एवं गलत ढंग से किए हुए विधि-विधान का।
शुद्ध सामग्री, घी व अन्य सुगंधित वस्तुओं के प्रयोग के माध्यम से घर का वातावरण शुद्ध हो जाता है और दैविक शक्तियाँ घर में सात्त्विकता बढ़ाती हैं, जिससे नकारात्मक शक्तियाँ वहाँ से दूर रहती हैं।
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