सोमवार, 3 जून 2024

प्रभात किरण (23)निराशा, अविश्वास, चिंता और शोक इत्यादि हमारी अवांछनीय और दुर्बलता पैदा करने वाली मनःस्थितियाँ हैं।

"मैं यह कार्य नहीं कर सकता", इस गलत संकेत के कारण आप अंदर ही अंदर एक प्रकार की कमजोरी का अनुभव करेंगे। शरीर पीला पड़ जाएगा, इंद्रियाँ जवाब देने लगेंगी, कंधे झुक जाएँगे, कमर में दरद मालूम होगा, सारी शक्तियाँ क्षय हो जाएँगी। आपको अंदर ही अंदर ऐसा लगेगा कि न जाने क्यों शरीर और मन गिरा-गिरा सा लग रहा है। काम में तबीअत नहीं है । निराशा, अविश्वास, चिंता और शोक इत्यादि हमारी अवांछनीय और दुर्बलता पैदा करने वाली मनःस्थितियाँ हैं। अपने प्रति अविश्वास का एक विषैला शब्द या वाक्य मानसिक संस्थान में ही गड़बड़ी नहीं मचाता, बल्कि पूरे शरीर पर और विशेषतः हमारे हृदय पर दूषित प्रभाव डालकर उसे कमजोर बना देता है । इससे शरीर के सभी कार्यों में आंशिक शिथिलता आ जाती है ।



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