शनिवार, 15 जून 2024
प्रभात किरण (28)प्रत्येक मनुष्य का कर्तव्य है कि वह उत्तम रीति से कर्म करने का आग्रह करे
“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचनः” इस अमूल्य वचन के अनुसार प्रत्येक मनुष्य का कर्तव्य है कि वह उत्तम रीति से कर्म करने का आग्रह करे। जो जितना ही उत्तमता के निकट आएगा उतना ही परमेश्वर के निकट होगा। अतः जो कार्य करो उसमें प्रधान लक्ष्य उत्कृष्टता का ही समाहित रहे । इसी महान नियम द्वारा पालनकर्त्ता को उत्कृष्ट फल के दर्शन होते हैं। यह मत विचारो कि हमें उत्कृष्टता के अनुपात का पुरस्कार प्राप्त नहीं हो रहा है। अतः काम को उत्तम रीति से करें । स्मरण रहे कि उत्तम कृत्य स्वयं ही फल है,ऐसा करने से उत्तम तत्त्व की अवश्य सिद्धि होगी।अपना प्रत्येक कार्य उत्कृष्टता के भाव से करने में जो आनंद - लाभ होता है उसका वर्णन असंभव है। आत्मतत्त्व के पुजारी ! यह अनुभव करो कि तुम उत्कृष्टता से कार्य करने के निमित्त बने हो ।
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