बुधवार, 19 जून 2024

प्रभात किरण (30)

आपकी शक्तियाँ उत्तरोत्तर उपयोग से ही बढ़ती हैं। यदि उनसे काम न लिया जाए तो वे सोने या क्षय होने लगती हैं। प्रत्येक कार्य का कारण विचार है। हम अपने मानसिक साम्राज्य के स्वतंत्र राजा हैं । अपने मानसिक, कल्पनात्मक राज्य में आप पूर्ण स्वतंत्र हैं और सब नियमों के निर्माता आप स्वयं ही हैं। सब कुछ आप ही हैं। असंभव कोसंभव बना सकते हैं। यह आपका ऐसा गुप्त राज्य है, जिसे न तो कोई देख सकता है तथा न आपके विचारों से किसी व्यक्ति को किसी प्रकार की आपत्ति हो सकती है।कठिनाई और सरलता, असफलता और सफलता, लाभ और हानि, उन्नति और अवनति सब आपके मन के अनुसार ही आपके जीवन में प्रतिबिंबित होती हैं। जीवन में सबसे आवश्यक अपने शुभ संकल्पों की सिद्धि के लिए सावधान रहकर प्रयत्न करना ही है।



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

विशिष्ट पोस्ट

समाचार का व्रत रखिए

आजकल नकारात्मक समाचार ज्यादा बिकते हैं। हमारे समाज में ज्यादातर लोग एक प्रसिद्ध इन्सान के जुर्म का मुकदमा देखना किसी वास्तव में ...