गुरुवार, 20 जून 2024

प्रभात किरण (31)जो आगे बढ़ता है, वह स्वस्थ, शक्तिमान और दीर्घजीवी रहता है

जो आगे बढ़ता है, वह स्वस्थ, शक्तिमान और दीर्घजीवी रहता है, जो थककर एक ही स्थान पर हारकर बैठ जाता है, वह निर्बल, अशक्त और अल्पजीवी होता है, यह नियम है जो प्रकृति में सर्वत्र दिखाई देता है ।

'जो फिरैगो, सो चरैगो, 

बँधौ भूखौ मरैगो ।' 

अर्थात जो चल-फिरकर गतिशील जीवन व्यतीत करेगा, उसे खुलकर भूख लगेगी, जो एक स्थान पर बँधा रहकर गतिविहीन जीवन व्यतीत करेगा, उसकी निष्क्रियता उसे मार डालेगी।

आलस्य शत्रु है, सक्रियता जीवन जाग्रति का लक्षण है। श्रम ही मनुष्य की सर्वोत्कृष्ट पूँजी है। आलसी व्यक्ति, परिवार तथा समाज का शत्रु है, वह दूसरोंके संचितश्रम पर निर्वाह करता है। कार्यशीलता चरित्र को चमकाकर द्युतिमान कर देती है और स्वास्थ्य सौंदर्य से परिपूर्ण कर देती है ।



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