रविवार, 23 जून 2024
प्रभात किरण (32)अच्छे विचारों, अच्छी आदतों या शुभ संकल्पों को ग्रहण करना हमारे वश की बात है
अच्छे विचारों, अच्छी आदतों या शुभ संकल्पों को ग्रहण करना हमारे वश की बात है । देववृत्तियाँ जब सोने लगती हैं, तभी दुष्ट अशुभ वृत्तियाँ जागती हैं । असुर हमारे अंदर सोए पड़े रहते हैं। या यों कहिए कि हमारे मन में बसने और सदा जाग्रत रहने वाले देवता उन्हें दबाए रहते हैं । हमें देववृत्तियों जैसे प्रेम, दया, सहानुभूति, सेवा, विनय आदि को सतत जाग्रत और विकासोन्मुख रखना चाहिए । यदि शुद्धवृत्तियाँ या अपने मनोरंजन में सोए हुए देवता लगातार जागते रहें, अपना देवोचित कार्य सजगता से करते रहें, तो असुर वृत्तियों को पनपने का अवसर ही प्राप्त नहीं होता और मनुष्य दिव्य मार्गों में बढ़ता चला जाता है। शुभ संकल्पों को ग्रहण कर कार्यरूप में परिणत करना हमारे हाथ में है। हम सदैव सावधान रहें और विवेक से अच्छी आदतों को ही चुनें।
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