शनिवार, 6 जुलाई 2024
प्रभात किरण (38)लोक-लज्जा को अपने ऊँचे ध्येय की पूर्ति के आगे मत लाइए
लोक-लज्जा को अपने ऊँचे ध्येय की पूर्ति के आगे मत लाइए । यह विचार आपको उन्नति करने से रोकता है। लोग हँसेंगे, टीका- टिप्पणी करेंगे, जग हँसाई होगी, निंदा होगी; इसकी परवाह मत कीजिए। उन्नति का मार्ग कठोर और दुरूह होता है । संसार को पसंद नहीं आता। वे उस व्यक्ति से ईर्ष्या करते हैं, जो उन्नति कर रहा है। यदि आप जगत की व्यर्थकी बातों की परवाह करेंगे, तो सदैव के लिए निराशा के गड्ढे में गिरकर सदा एक ही स्थिति में सड़ते रहेंगे। कूपमंडूक बनकर बाहर का संसार न देख सकेंगे। ये दुर्बलता के विचार आपकी संकल्प शक्ति की परीक्षा के लिए आते हैं । अतः इनसे विचलित न होकर अपनी दृढ़ता का परिचय दीजिए । असमर्थता मत दिखाइए । दृढ़ प्रतिज्ञा, आत्म-विश्वास और निरंतर अभ्यास से असाध्य भी सुसाध्य हो जाएगा।
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