बुधवार, 10 जुलाई 2024
प्रभात किरण (40)प्रत्येक व्यक्ति अपनी कहते नहीं थकता । वह एक ऐसा आदमी चाहता है, जो उसकी बातें, मनोव्यथाएँ, आपबीती...
प्रत्येक व्यक्ति अपनी कहते नहीं थकता । वह एक ऐसा आदमी चाहता है, जो उसकी बातें, मनोव्यथाएँ, आपबीती घटनाएँ, उसी के विचार और दृष्टिकोण सुनता रहे । प्रत्येक आदमी अपने विचारों में दिलचस्पी रखता है और अपने विचार दूसरों पर प्रकट करना चाहता है। दूसरों की बातें धैर्यपूर्वक सुनना बहुत बड़ी बात है। मनोविज्ञान की दृष्टि से यह दूसरे के 'अहं' को उत्तेजित करना है। आप देखेंगे कि उनकी बातों में आत्मप्रशंसा, अपनी वीरता, बुद्धि, धैर्य, कुशलता, संतुलन, ईमानदारी, वफादारी, सावधानी, विज्ञता, विपुलता इत्यादि के उदाहरण भरे पड़े होंगे। अतः अपनी-अपनी मत तानिए, दूसरे की सुनिए और उसे अपने विषय में अधिक कहने का अवसर दीजिए ।
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