शुक्रवार, 26 जुलाई 2024

प्रभात रश्मि (4) खुद पर भी हँसना सीखें

हममें से अधिकतर लोग खुद को कुछ अधिक गंभीरता से लेते हैं। अपने आसपास के उन आडंबरपूर्ण नेताओं पर नजर डालें। उनके बारे में कोई मजाकिया टिप्पणी करना भी खतरनाक हो गया है। फिर ऐसे उद्योगपति हैं, जो सूट-बूट में लैस रहते हैं मगर आपने कभी उन्हें मुसकराते देखा है? और फिर उनके जूनियर होते हैं जो तरक्की की सीढियाँ चढने के लिए अपने बॉसों का अनुकरण करते हैं। कुल मिलाकर यह एक हास्य रहित दुनिया है। 

वास्तव में, परिहास को कभी एक गंभीर विषय के रूप में नहीं लिया गया, हालाँकि परफॉर्मिंग आट्स में उसकी भूमिका को व्यापक रूप से सराहा गया है। हर कोई चार्ली चैप्लिन की फिल्म देखते हुए हँसा है और उन लॉरेल ऐंड हार्डी और एबॉट ऐंड कॉस्टेलो कॉमेडियों को देखते हुए बड़ा हुआ है। जब हम बच्चे थे, हास्य हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग था। दुर्भाग्यवश, जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, हममें से बहुत से लोग हास्य की दुनिया को भूल जाते हैं। हम यह मान लेने की गलती करते हैं कि हास्य बड़े लोगों के लिए नहीं है। हम यह मान लेने की गलती करते हैं कि कामयाब लोगों के लिए हर समय चिंतापूर्ण और गंभीर दिखना जरूरी है।

कॉरपोरेट दुनिया में छिछोरेपन की कोई जगह नहीं है, इसलिए कोई ऑफिस में जोकर नहीं लगना चाहता। अफसोस है कि ये सभी मान्यताएँ अनुपयुक्त हैं। विनोद सिर्फ हास्य से परे है; उसके उपचारात्मक प्रभावों ने हर कहीं लाक्टर क्लबों की स्थापना को प्रेरित किया है और यह एक निर्विवाद सच्चाई है कि वे तनाव को दूर करने में बहुत प्रभावी हैं!

हर पब्लिक स्पीकिंग पाठ्यक्रम में वक्ताओं से दर्शकों में तनाव कम करने के लिए शुरुआती वाक्यों में हास्य का पुट डालने के लिए कहा जाता है। स्वाभाविक रूप से जब वक्ता अपने ऊपर हँसता है, तो माहौल हलका हो जाता है। परंतु यहाँ पर अपना मजाक उड़ाना महत्वपूर्ण है।

किसी भी स्थिति में हास्य के मजेदार पक्ष को देखना महत्वपूर्ण है। इस तरह से हम हर मामले को हलके रूप में ले सकते हैं और तनाव से बच सकते हैं। बहुत से लोग अपनी समस्याओं को लेकर परेशान होते रहते हैं। मेरे खयाल से उन्हें यह प्रसिद्ध कहावत याद कर लेनी चाहिए कि हँसी सबसे अच्छी दवा है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

विशिष्ट पोस्ट

समाचार का व्रत रखिए

आजकल नकारात्मक समाचार ज्यादा बिकते हैं। हमारे समाज में ज्यादातर लोग एक प्रसिद्ध इन्सान के जुर्म का मुकदमा देखना किसी वास्तव में ...