सरल होने का मतलब है- 'मैं चाहता हूँ कि 'ABC' हो; लेकिन यदि 'कखग' होता है तो भी ठीक है।'
सरल होने का मतलब है, ये सोचना कि-
• 'मैं चाहता हूँ कि फ्लाइट्स समय पर आएँ, लेकिन यदि नहीं आतीं तो मेरी जिंदगी बरबाद नहीं हो जाएगी।'
.'मैं चाहता हूँ कि सब लोग ईमानदार हों; लेकिन यदि कुछ लोग ईमानदार नहीं हैं, तो मेरा कोई नुकसान नहीं होगा।'
• 'मैं चाहता हूँ कि सब मेरा सम्मान करें; लेकिन यदि कुछ लोग नहीं करते, तो कोई बात नहीं । '
इसलिए, जब आवश्यकता हो, तो सरल हो जाएँ और जाने दें, क्योंकि जाने देना आपकी मानसिक शांति बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसलिए आप किसी और के लिए नहीं, बल्कि खुद के भले के लिए जाने दें।
आपकी खुशी को परिस्थिति या आपके आस-पास के लोग निर्धारित नहीं करते हैं। आप वास्तव में खुश हो सकते हैं, जब आप जाने देते हैं।
इसलिए अगली बार आप इसकी भी अपेक्षा करें-
*कि आप और आपके माता-पिता हमेशा हर बात पर सहमत नहीं होंगे।
*कि आपका साथी आपका जन्मदिन या शादी की सालगिरह हमेशा याद नहीं रखेगा / रखेगी।
*इस पृथ्वी के सभी मनुष्य हमेशा ईमानदार नहीं रहेंगे।
*हर काम हमेशा समय पर ही नहीं पूरा होगा।
*विमान, रेलगाडियाँ और लोग हमेशा समय पर ही नहीं आएँगे।
लोग हमेशा आपकी बातों से सहमत नहीं होंगे। आदि-आदि।
‘खुश रहने के दो ही तरीके हैं-:
1. दुनिया को अपनी धारणाओं के अनुसार बदलें, या 2. स्वयं को बदलें और सरल बनें।
क्या आपको नहीं लगता कि दुनिया को अपनी पसंद के अनुसार बदलने से कहीं अधिक आसान स्वयं को बदल लेना है?
'यदि आप एक डायनासोर हैं, जो बदलते समय में खुद को बेहतर के लिए नहीं बदलता, तो आप भी विलुप्त हो जाएँगे।
- स्पेंसर जॉनसन
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