शुक्रवार, 20 सितंबर 2024

((24) अपने मित्रों का चयन बुद्धिमत्ता के साथ करें

क्या अपने कभी ध्यान दिया है कि जब आप एक मॉल के सार्वजनिक शौचालय में प्रवेश करते हैं, तो वहाँ की दुर्गंध सहन नहीं कर पाते। फिर भी आप उसे झेलते हुए अंदर चले जाते हैं; क्योंकि आपको शौचालय के इस्तेमाल की सख्त आवश्यकता होती है। लेकिन कुछ देर बाद वह दुर्गंध आपको ज्यादा परेशान नहीं करती ! ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि हमें अपने आस-पास के वातावरण की आदत बहुत जल्दी हो जाती है। इसी प्रकार, यदि आपके मित्रों की झूठ बोलने की बुरी आदत है तो कुछ दिन आप सोच सकते हैं कि झूठ बोलना बुरी बात है, लेकिन कुछ ही समय में आपको उसकी आदत हो जाएगी। जितना अधिक समय आप ऐसे मित्रों के साथ बिताएँगे, उतना ही अधिक आप झूठ के अभ्यस्त होते जाएँगे और फिर एक दिन आपको लगेगा कि झूठ बोलना बिल्कुल सामान्य बात है।

इसलिए ऐसे लोगों का चयन ध्यानपूर्वक करें, जिनके साथ आप अधिक समय बिताने वाले हैं; क्योंकि वे आपके विचारों, आदतों और  व्यवहार को सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं। याद रखें, कि आप उन लोगों का प्रतिबिंब बन जाते हैं, जिनके साथ आप अपना अधिकांश समय बिताते हैं। इसलिए ऐसे लोगों का चयन बुद्धिमत्ता के साथ करें। यदि आप लंबे समय तक दुःखी लोगों के साथ रहेंगे तो आपको लगने लगेगा कि दुःखी रहना सामान्य बात है। एक हारा हुआ व्यक्ति शिकायत करने और गरीब बने रहने में इतना सहज इसलिए महसूस करता है, क्योंकि वह अपने सुविधा- क्षेत्र से बाहर निकल कर परिश्रम नहीं करना चाहता। इसलिए वह उपदेश देता है कि गरीब बने रहने का अर्थ है - आध्यात्मिक रूप से विकसित होना और यह कि ईश्वर गरीब और हारे हुए लोगों को प्यार करते हैं। कुछ ही समय में आप खुद को भी उसके साथ उपदेश देते हुए पाएँगे कि सभी अमीर लोग ठग होते हैं। ऐसे हारे हुए लोगों के साथ अधिक समय बिताएँ, और आप मानने लगेंगे कि पैसा ही सारे पाप की जड़ है। एक मित्र आपको बना सकता है या बिगाड़ सकता है, क्योंकि आप खुद से अधिक मित्रों पर विश्वास करने लगते हैं। 

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