शनिवार, 21 सितंबर 2024

(76-80)श्रेष्ठ उक्ति जो आज की, है न अनोखी बात

76.श्रेष्ठ उक्ति जो आज की, 

है न अनोखी बात । 

सहसा देती चित्त को, 

चिन्तन का आघात ।। 

हृदय की चूल हिलाए, 

वहीं सद् उक्ति कहाए । । 


77.रखें सहज सन्तुष्टि तो, 

यह सच्ची समृद्धि। 

आवश्यकता मुक्त हो, 

स्वयं सिद्ध हो वृद्धि ।। 

हृदय सन्तोष जगाऐं, 

सहज संवर्धन पाऐं।।


78.निज जीवन में हम करें, 

जो भी खर्च फिजूल । 

मन माने उसको उचित, 

सहज न माने भूल ।। 

खर्च पर रोक लगायें, 

जिन्दगी सुखी बनाऐं।।


79.समय गुजरता जा रहा, 

गुजर रहे संयोग। 

समय न बीता है कभी, 

बीत रहे हम लोग । । 

वक्त चलता है आगे, 

मनुज बस पीछे भागे।। 


80.समय सत्य का रूप है, 

समय अचल व्यवहार । 

समय सदा रहता नहीं, 

बदल रहा संसार ।। 

वक्त तो नहीं बदलता, 

कर्म के पीछे चलता ।। 

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