करें शिष्ट व्यवहार ।
भावों को सम्मान दें,
तब पाऐं सत्कार ।।
शिष्टता को अपनाऐं,
सभी सेआदर पाऐं । ।
82.यदि गुण दोषों की सदा,
किया करें हम जांच ।
कैसे छू पाए हृदय,
नवल नेह की आँच ।।
दोष से दृष्टि हटाओ,
सभी के गुण अपनाओ ।
83.कर्म शील होता सफल,
कर्म भाग्य के साथ ।
सीढ़ी चढ़ सकते नहीं,
रख जेबों में हाथ ।।
कर्म से मिले सफलता,
कर्म से जीवन खिलता ।।
84.चेहरा मन के भाव का,
ला देता संज्ञान ।
मुख मुद्रा व्यक्तित्व का,
सर्वश्रेष्ठ परिधान ।।
जरा सा तुम मुस्काओ,
फूलसा जीवन पाओ ।।
85.हम अवसर का लाभ लें,
कहता यही विवेक ।
लालच भी देता हमें,
फिर से अवसर एक ।।
चूक यदि अवसर जाये,
न फिर से वापस आये ।।
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