शनिवार, 28 सितंबर 2024

जो यह पढ़े हनुमान चालीसा,होय सिद्धि साखी गौरीसा।

जो यह पढ़े हनुमान चालीसा। 

कृपा करें हनुमत जगदीसा ।। 

चारवेद षटशास्त्र उपनिषद पढ़ो हजारों। व्यर्थ सभी यदिकभी न हनुमत नाम उचारो।। 

वेदशास्त्र का मूल पवनसुत तेरी लीला। रामकथा के कण कणमें हनुमन्त हठीला।। 

रावणका दल निज भुजबल से पल में पीसा। 

देव-दनुज नर-नाग सिद्ध नावें पद सीसा।। 

नहीं कल्पना बिनातुम्हारे राम कथा की। तुम संजीवनि राम सिया की विरह व्यथा की ।। 

शक्तिपुंज अतिकाय अकम्पन दुर्मद मारे। कालसमान बली जोधा रणमें संहारे।। 

कुम्भकरण भी हुआआपकेसम्मुख ढीला। सिंहगर्जना से उसकी ताकतको कीला।। 

सिद्धमन्त्र शुभ चालीसाकी हर चौपाई। जिसे हुआविश्वास अटलनिधि सेवा पाई।। 

रूपबदलते पल भरमें जब दुष्ट सँहारो। शान्तरूप में निज दासोंको पार उतारो।। 

वरदहस्त सेवक पर प्रेममयी जननी सा ।

वेदधर्म श्रुतिसार सिद्ध हनुमानचालीसा।। 

होय सिद्धि साखी गौरीसा।। 

कहें सिद्धयोगी अवनीसा ।। 

शिवशंकर गणनायक के हनुमतअवतारी। कृपा करें हनुमत प्रसन्न होवें त्रिपुरारी।। 

रूद्ररूप शिव शंकरसुवन अंजनीनन्दन। रामभद्रको अर्पित कीन्हा तनमन जीवन। 

राघव राजाराम अवधके बने अधीशा। हनुमत जपसे भक्तिमिले साखीगौरीसा।। 

मारुति चरित सदा आनन्द दिलाने वाला। नाम पिलाता राम भक्ति का अमृत प्याला।। 

औषध लेकरचले अयोध्यातक जबआये।भरतवीरने एक बाणसे भूमि गिराये।।

तृषित चित्तको राघवका सन्देश सुनाया। मित्रभाव से भक्तभरत ने भी अपनाया।। 

कितने वर आशीष विविध देवोंसे पाए। संकट मोचक देव दूत बनकर तुमआये।। 

शिवका हैआशीष सिद्धयह ग्रन्थ रामका। जन-जन का जीवनधन वाहक परमधाम का।। 

जगत जननि का सदाप्राप्त अविचल आसीषा । 

राम चरणमें नेह मिले साखी गौरासी।।



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

विशिष्ट पोस्ट

समाचार का व्रत रखिए

आजकल नकारात्मक समाचार ज्यादा बिकते हैं। हमारे समाज में ज्यादातर लोग एक प्रसिद्ध इन्सान के जुर्म का मुकदमा देखना किसी वास्तव में ...