बुधवार, 30 अक्टूबर 2024

तन मन और व्यक्तित्व की साधना (1)

कुछ इनसान चीजों को जैसा है वैसा ही देखते हैं और कहते हैं 'ऐसा क्यों हैं ' मैं ऐसी चीजों के सपने देखता हूँ, जो हैं ही नहीं और कहता हूँ 'क्यों नहीं है'।                            •जॉर्ज बर्नार्ड शॉ


कुछ इनसान ऐसे होते हैं, जिनमें कुछ कर गुजरने की ललक होती है, तो कुछ महज तमाशबीन होते हैं, मगर कुछ इनसान ऐसे भी होते है, जो अपनी जिन्दगी उधेड़बुन में ही गुजार देते हैं। हमें हमेशा आवश्यकता होती है  एक ऐसे वैचारिक बोध की, जो हमारी जिन्दगी की इस तरह की असंगतियों को दूर करके उसमें अलौकिक बदलाव ला सके । जीवन के अनुभवों से हमें सर्वोत्तम युक्तियाँ और तकनीकें सीखने को मिलती हैं। इससे हमारी काया, मनोमस्तिष्क और व्यक्तित्व में व्यापक विकास देखने को मिलता है ।  हमें अपने जीवन को ज्यादा सजीव व जीवंत बनाना है तो हमें अपने अंतर्मन में छुपी अकूत शक्ति को पहचानना पड़ेगा। इसमें बिलकुल संदेह की गुंजाइश नहीं है कि हमारे अंदर अनंत शक्ति छुपी हुई है। इससे हम वह हर चीज हासिल कर सकते हैं, जिसकी हमने कभी कल्पना भी की हो । हम मानसिक, शारीरिक, भावनात्मक या फिर आर्थिक; चाहे जिस भी तरह की कुशलता हासिल करना चाहते हों, हमें अपनी समग्र क्षमताओं का उपयोग करना चाहिए जिससे ज्यादा संतुष्टिपूर्ण, शांतिपूर्ण और सहज जीवन का आनंद उठा सकते हैं ।

बेशक हममें मुकम्मल जीवन की अपार संभावनायें छुपी हुई हैं। अगर हम समर्पण और निश्चल भाव से किसी कार्य के लिए प्रतिबद्ध हों तो हमें निम्न चीजें हासिल होंगी

• वास्तविक सुख और प्रसन्नता

•विभिन्न परेशानियों से मुक्ति और ज्यादा आत्म-विश्वास हासिल करने के तरीके

•मित्र बंधुओं के मध्य गर्मजोशी भरे संबंधों की वापसी

•लंबे जीवन जीने के बारे में हमारी संस्कृति और सभ्यता के शक्तिशाली गुप्त रहस्यों की समझ 

•अनंत ऊर्जा, उत्साह और दिव्य-स्वास्थ्य

•ज्यादा सुकून, शांति और प्रभावशाली व्यक्तित्व

•अपना भाग्य-विधाता बनने की सिद्ध तकनीकें

•स्थायी संपन्नता और वित्तीय आत्म-निर्भरता हासिल करने के उपाय


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