अपने आशीर्वादों की सूची बनाना एक उत्सव की तरह होता है; हर एक दिन एक उत्सव की तरह होता है, जब आप अपने अंदर की गहराइयों से समृद्ध महसूस करते हैं, इस बोध और स्मरण के साथ कि आपको पहले से ही इतना कुछ मिल चुका है।
इस प्रकार, आपको जीवन का उत्सव मनाने के लिए किसी विशेष अवसर या त्योहार का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आपके जीवन में निरंतर एक बड़ी पार्टी चलती रहेगी। क्या प्रतिदिन पार्टी करने का एहसास अच्छा नहीं है? इसके अलावा, उत्सव मनाना संक्रामक होता है और जब आप उत्सव मनाने के मूड में होते हैं, तो आस-पास के लोग भी मस्ती में शामिल हो जाते हैं। और इस प्रकार खुशी और आनंद कई गुना होकर बढ़ते रहते हैं। और यही अनंत खुशी की कुंजी है।
हममें से कई लोग अकसर अनुभव करते हैं कि सबकुछ होने के बावजूद, हमारे जीवन में अभी भी कुछ कमी है। और इससे हमारे अंदर गहराई में एक अधूरेपन की भावना आ जाती है। और अधिकतर ये सिर्फ कृतज्ञता का रवैया होता है। हमें हमेशा कोई-न-कोई चीज चाहिए होती है। और हालाँकि जीवन में अधिक की चाहत रखना अच्छा होता है, लेकिन हम इनमें से एक भी उद्देश्य की पूर्ति करने में विफल हो जाने पर दुःखी हो जाते हैं। और उन सब चीजों को भूल जाते हैं और उनकी अनदेखी कर देते हैं, जो विफलता के उस बिंदु तक हमें प्राप्त हो चुकी हैं।
याद रखें कि सिर्फ एक पराजय आपकी पहले की सब जीतों को निरर्थक नहीं कर देती। हालाँकि लोगों के जीवन में विफलताओं की तुलना में सफलताएँ कहीं अधिक होती हैं, फिर भी वे उन कुछ विफलताओं को ही याद रखते हैं और एक स्व-निर्मित नर्क में रहते हैं। इसके बजाय, हमेशा अपनी सफलताओं और आशीर्वादों की गिनती करें, क्योंकि यदि हम पर्याप्त कोशिश करें, तो हम उस चीज को पा सकते हैं, जिसकी हमारे जीवन में कमी है; लेकिन जीने का असली आनंद तो उन सब का जश्न मनाने में हैं, जो हमारे पास अभी, इस पल में हैं।
'जो प्रचुरता आप प्राप्त कर चुके हैं, उसके लिए कृतज्ञता इस बात का सर्वश्रेष्ठ बीमा है कि प्रचुरता जारी रहेगी।
कृतज्ञता के अद्भुत लाभ -
1. कृतज्ञ लोग अधिक आशावादी और स्वस्थ होते हैं।
2. बेहतर गुणवत्ता की नींद ।
3. आत्म-विश्वास में वृद्धि ।
4. सहायक प्रवृत्ति और सहानुभूति की भावना में वृद्धि ।
5. अधिक लचीलापन ।
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