“सबसे पहले आपके लिए कुछ प्रश्न हैं-
क्या आप दस लाख रुपयों में अपना दिल बेचेंगे? और एक करोड़ के बारे में क्या ख्याल है?
या फिर, क्या आप अपना हाथ दस लाख रुपयों में बेचेंगे?
या कम-से-कम आप अपनी उँगलियाँ तो काट कर दस लाख में दे ही सकते हैं?”
आपने शायद इन सब प्रश्नों के उत्तर बिल्कुल 'नहीं' में दिए होंगे। क्या अब आप अपने शरीर के अंगों का महत्त्व समझ गए? वे अनमोल हैं।
लेकिन हम मनुष्य कभी-कभी अजीब हो जाते हैं। हम अपने जीवन के पहले 40 वर्षों में ढेर सारी दौलत कमाने के लिए अपना स्वास्थ्य खर्च करने के लिए तैयार रहते हैं और उसके बाद अपना स्वास्थ्य वापस पाने के लिए वह सारी दौलत खर्च करने के लिए तैयार हो जाते हैं। लेकिन तब तक इतनी देर हो जाती है कि डॉक्टर भी हमारी मदद नहीं कर पाते, क्योंकि मानव मशीनरी के अतिरिक्त पुर्जे बाजार में उपलब्ध नहीं होते।
हमारा शरीर बहुत बुद्धिमान होता है, और भीतर हो रहे असंतुलन की स्थिति के बारे में हमें तुरंत चेतावनी दे देता है। लेकिन आम तौर पर हम मुसीबत के प्रारंभिक संकेतों और लक्षणों की अनदेखी कर देते हैं।
हम अपनी कार की सर्विसिंग हर दो महीने में करवाते हैं; लेकिन खुद को फिर से जीवंत करने के लिए कितनी बार समय निकालते हैं? हम अपने शरीर से मिल रहे प्रारंभिक संकेतों की अनदेखी करते हैं और स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर के पास ऐसे भागते हैं, जैसे वह कोई बायो- मेकैनिक हो और अस्पताल मरम्मत की दुकान । तनाव खराब सेहत का प्रारंभिक लक्षण है; लेकिन हम अपने शरीर की तभी सुनते हैं, जब हमारे लिए दिन-प्रतिदिन का काम करना मुश्किल और दर्दनाक हो जाता है।
हम अपनी कार, संपत्ति एवं आभूषणों को महत्त्व देते हैं और उनकी सुरक्षा करते हैं, क्योंकि उनका मूल्य लाखों में होता है। लेकिन क्या हम अपने शरीर की भी उतनी ही अच्छी तरह देखभाल और सुरक्षा करते हैं?
हम हमेशा सफलता का पीछा करते रहते हैं; लेकिन क्या सफलता का मतलब सिर्फ कड़ा परिश्रम करके कागज के वे ढेर सारे टुकड़े एकत्रित करना है, जिन पर मृत लोगों की तसवीरें बनी होती हैं?
ये सच है कि सफलता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है, लेकिन हमारे स्वास्थ्य की कीमत पर नहीं; क्योंकि कोई भी धनराशि आपको आपका स्वास्थ्य खरीद कर नहीं दे सकती, और दुर्भाग्य से वह बाजार में उपलब्ध भी नहीं होती।
सफल होने की इच्छा रखने में और विलासिता की वस्तुएँ हासिल करने में कोई बुराई नहीं है। एक आरामदेह जीवन की चाहत रखने में, जिसमें रेक्लाइनर सोफे से लेकर खुद के बगीचे में स्विमिंग पूल तक शामिल है, कोई बुराई नहीं है; क्योंकि इनसे आपको अच्छा महसूस होता है, लेकिन आप गंभीर पीठ दर्द के साथ अपने आरामदेह सोफे पर बैठकर कैसे अच्छा महसूस कर सकते हैं?
आपको अच्छा कैसे महसूस सकता है जब आप अपनी कीमती कार चलाते समय बुरी तरह उदास हों? इसलिए प्रतिदिन कुछ समय अपने मन व शरीर को स्वस्थ और मजबूत रखने के लिए निकालें। और याद रखें कि सिर्फ किसी बीमारीका न होना ही स्वास्थ्य नहीं है। स्वास्थ्य को उस जोश और उत्साह से मापा जाता है, जिसके साथ आप अपना जीवन जीते हैं।
'सफलता की परिभाषा है बहुत सी चीजें प्राप्त करना, जो पैसे से खरीदी जा सकती हैं और वे सब चीजेंप्राप्त करना, जो पैसा नहीं खरीद सकता। '
-जिग जिगलर
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