परिवार के मुखिया के रूप में, आप अपने काम, सामाजिक जिम्मेदारियों एवं अन्य कई चीजों में व्यस्त रहते हैं और आपके पास अपने प्रियजनों के लिए समय नहीं बचता है। इस वजह से आपके बच्चे काफी अकेलेपन और उपेक्षा का सामना करते हुए बड़े होते हैं और उन्हें प्यार, देखभाल एवं सकारात्मकता की कमी महसूस होती है।
इसलिए वे परिवार के बाहर प्यार और देखभाल की तलाश करते हैं और बड़े होने पर समस्याओं के बोझ से दबे होते हैं।
इसलिए अपनी प्राथमिकताओं के बीच संतुलन बनाए रखिए; आपके समय और ध्यान पर आपके प्रियजनों का भी अधिकार है। मानसिक शांति की स्थिति जीवन को आसान, ज्यादा खुश एवं
ज्यादा संतोषजनक बना देती है, और आपको हर परिस्थिति का सामना
प्रभावी तरीके से करने की क्षमता प्रदान करती है। आप हमेशा अपनी बाहरी स्थितियाँ नहीं बदल सकते; लेकिन जब आप अपने मन में शांति ले आएँगे. तो आपके कार्य और आपकी प्रतिक्रियाएँ अलग ढंग की होंगी, और इससे आपकी भीतरी और बाहरी दुनिया में बदलाव आ जाएगा।
'मानसिक शांति के लिए ब्रह्मांड के जनरल मैनेजर का पद छोड़ दें । '
- लैरी आइसेंबर्ग
अपना शत-प्रतिशत देने, सफल होने और मानसिक शांति बनाए रखने के लिए कुछ प्रमुख उपाय ये हो सकते हैं, संभव है आपको पहले प्रयास में सफलता न मिले; लेकिन यदि आप इन सुझावों पर ईमानदारी से अमल करते रहेंगे, तो धीरे-धीरे आप मानसिक शांति का अनुभव करने लगेंगे। ये शांति सिर्फ आपके अंदर नहीं रहेगी; बल्कि बाहर निकलकर आपके पूरे वातावरण को प्रभावित करेगी।
1. यदि वे लोग, जिनसे आप मिलते हैं तेज आवाज में बात करते हैं, असभ्य व तनावपूर्ण हैं, तो शायद आपका व्यवहार और आपकी प्रतिक्रिया भी उसी प्रकार की होगी, और इस तरह तनाव का स्तर बढ़ जाएगा। दूसरी ओर, यदि आप शांत रहेंगे, और आपकी बातचीत, गतिविधियाँ एवं प्रतिक्रिया शांतिपूर्ण रहेंगी, तो लोग अनजाने में आपके व्यवहार का अनुकरण करने लगेंगे। आप एक नेतृत्व शक्ति बन जाएँगे, चाहे कार्यस्थल पर आपका पद कुछ भी हो।
2. प्रतिदिन जब आप अपने कार्यस्थल में प्रवेश करें, तो भावना, विश्वास और ध्यान के साथ ये अफर्मेशन कई बार दोहराएँ - 'मेरे मन में पूरे दिन शांति रहती है। मैं अपने चारों ओर शांति प्रसार करता हूँ । मैं शांति, नम्रता और मुसकराहट के साथ बात करता हूँ। मैं हर काम शांतिपूर्ण ढंग से करना चाहता हूँ।'
3. कार्यस्थल पर मिलनेवाले लोगों का अभिवादन करें।
4. जब भी आपको अपने अंदर तनाव या क्रोध बढ़ता महसूस हो, कुछ बोलने या करने से पहले तीन धीमी, गहरी साँसें लें।
5. उन शब्दों पर ध्यान दें, जिन्हें आप सोचते, कहते या लिखते हैं। सिर्फ सकारात्मक शब्दों का प्रयोग करें।
6. विनम्र बनें। एक विनम्रता आपकी सौ समस्याओं के हजार समाधान प्रस्तुत। कर सकती है।
7. जब भी आपको लगे कि आपकी आवाज ऊँची हो रही है, फौरन उसे नीची कर लें।
8. मध्यम स्वर में बात करें, न बहुत जोर से और न बहुत धीरे । अन्य लोगों की आवाजों की तेजी का प्रभाव अपनी आवाज पर न पड़ने दें।
9. अपनी दिनचर्या के बीच में कई बार एक शांत स्थान खोजकर कुछ पल सुकून से बैठें। वह स्थान आपका डेस्क हो सकता है, और यदि वहाँ पर्याप्त शांति नहीं है, तो आपका बाथरूम, कोई खाली कमरा या कोई अन्य शांत जगह हो सकती है। कुछ क्षणों के लिए एक खूबसूरत स्थल की कल्पना करें जो आपको पसंद हो या किसी घटना की, जिसने आपको खुशी दी हो। महसूस करें कि आप वहाँ है और अपने अंदर उत्पन्न होनेवाली भावनाओं का आनंद लें।
10. काम करते समय जो कर रहे हैं, उस पर ध्यान केंद्रित करें। उसे अपना पूरा ध्यान दें। इससे आपका दिमाग परेशान करनेवाले विचारों से दूर रहेगा।
11. अपना समय और ऊर्जा लोगों के इरादों और व्यवहार का विश्लेषण करने में बरबाद न करें, बल्कि अपने कार्यों को बेहतर बनाने का प्रयास करें।
12. किसी ऐसे व्यक्ति से बात करने से पहले जिसे आप नापसंद करते हैं या जिससे आप डरते हैं, कुछ गहरी साँसें लें और कल्पना करें कि आप दोनों शांति वह सौहार्द के साथ बातचीत कर रहे हैं।
बस, इस प्रणाली का अनुसरण करते रहें ।
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