जीवन कैसा होता, यदि हमें किसी चीज के लिए अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती और सबकुछ एक बटन दबाने पर उपलब्ध हो जाता? क्या ये अच्छा नहीं होता कि हमें कोई काम नहीं करना पड़ता और हम जिस चीज के लिए कहते हमें तुरंत दे दी जाती ?
कभी भी समस्याओं या बाधाओं का सामना न करने की वजह से हम हफ्तों छुट्टियों के स्थलों पर आराम करते। हम शायद समुद्र तटों पर धूप में आराम करते रहते और कोई काम नहीं करते।
खैर, हम शर्तिया कह सकते हैं कि कुछ साल आलस्य में बिताने के बाद आप व्यग्रता से चुनौतियों की तलाश करने लगेंगे, क्योंकि बाधाओं के बिना जीवन में कोई मजा नहीं है। एक पल के लिए मान लीजिए कि आप एक बहुत अच्छे फुटबॉल खिलाड़ी हैं और मैदान में बिल्कुल अकेले खेल रहे हैं। लेकिन संभावनाहै कि सैकड़ों गोल मारने के बाद भी आप खुद को अयोग्य समझेंगे, और आपको निश्चित रूप से जीत का रोमांच नहीं महसूस होगा, क्योंकि आपके खिलाफ खेलनेवाली कोई विरोधी टीम नहीं होगी। इसी प्रकार, यदि जीवन में सबकुछ आसानी से, बिना बाधाओं का सामना किए मिल जाए तो कुछ प्राप्त करने में रोमांच नहीं महसूस होगा।
हर वह बाधा, जिसका सामना आप वर्तमान में कर रहे हैं, वास्तव में आपके जीवन को मजेदार बना रही है। बाधाएँ तोड़ने के लिए होती हैं, ये दिखाने के लिए होती हैं कि आप कितने मजबूत, कुशल और अद्भुत हैं।
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