उनके जीवन का सबसे बुरा समय वह था, जब उन्हें अपना प्रिय कुत्ता सिर्फ 25 डॉलर में बेचना पड़ा, क्योंकि उनके पास उसे खाना खिलाने के पैसे नहीं थे।
दो हफ्ते बाद उन्होंने मोहम्मद अली और चक वेप्नेर के बीच एक बॉक्सिंग मैच देखा और उस मैच ने उन्हें मशहूर फिल्म 'रॉकी' की पटकथा लिखने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बीस घंटे तक पटकथा लिखी। जब उन्होंने उसे बेचने की कोशिश की तो उन्हें 1,25,000 डॉलर का प्रस्ताव मिला। लेकिन उनकी एक शर्त थी कि वे फिल्म में खुद अभिनय करना चाहते थे। वे रॉकी की मुख्य भूमिका अभिनीत करना चाहते थे। स्टूडियो ने इस शर्त को खारिज कर दिया, क्योंकि वे फिल्म में एक असली सितारे को लेना चाहते थे।
कुछ हफ्तों के बाद स्टूडियो ने उन्हें उनकी पटकथा के लिए 2,50,000 डॉलर की पेशकश की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने अपनी पेशकश 3,50,000 डॉलर तक बढ़ा दी, फिर भी वे नहीं माने। वे लोग सिर्फ उनकी पटकथा चाहते थे, उन्हें फिल्म में नहीं लेना चाहते थे । वे हर कीमत को ठुकराते रहे, क्योंकि वे खुद फिल्म में रहना चाहते थे। कुछ समय बाद स्टूडियोवाले मान गए, पटकथा के लिए उन्हें सिर्फ 35,000 डॉलर दिए और फिल्म में मुख्य भूमिका करने की अनुमति दे आगे जो हुआ वह इतिहास है।
फिल्म ने प्रतिष्ठित ऑस्कर अवाईस में सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशन और सर्वश्रेष्ठ फिल्म संपादन के पुरस्कार जीते। स्टेलोन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए नामित किया गया।
क्या आप जानते हैं कि 35,000 डॉलर से उन्होंने सबसे पहले क्या खरीदा? वह कुत्ता, जो उन्हें बेचना पड़ा था। स्टेलोन उसे इतना प्यार करते थे कि उन्होंने उसे 15,000 डॉलर देकर खरीदा। उस कुत्ते को, जिसे उन्होंने 25 डॉलर में बेचा था।
'किसी से भी असफलता का वादा नहीं किया जाता। तो फिर एक अवसर क्यों न दिया जाए?'
इसलिए जब अगली बार आप चुनौतियों के बिना जीवन की इच्छा करें तो खुद को याद दिला दें कि आप एक नीरस व बोरिंग जीवन के इच्छुक हैं और ऐसा कौन चाहता है? आपका जीवन जब खुलता है तो अद्भुत होता है। आपको सिर्फ अपनी कमर हिला कर खुद को फैलाने के लिए तैयार होना है।
कभी कभी बाधाएँ आपके सफलता के रास्ते की एकमात्र प्रतियोगी हो सकती हैं। अपने प्रतिस्पर्धियों को प्यार करें, क्योंकि आप उन्हीं के कारण खुद में सुधार लाते हैं और हर बार अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं और उनके बिना न तो जीतने में मजा आएगा, न ही जीवन में कोई स्वाद होगा।
जिस प्रकार अधिकांश खेल बिना एक विरोधी टीम के कभी नहीं खेले जा सकते, उसी प्रकार जीवन बिना बाधाओं के नहीं जिया जा सकता। बाधाएँ हमें जीतने की खुशी प्रदान करती हैं। आम तौर पर हमारी ये समस्या होती है कि हम सोचते हैं, हमारे जीवन में कोई समस्या नहीं होनी चाहिएँ । लेकिन प्रकृति के नियम के अनुसार, एक समस्या या एक बाधा जीवन में बढ़ने का एकमात्र रास्ता है, और जब हम प्रकृति को चुनौती देने की कोशिश करते हैं, तो जीत हमेशा प्रकृति की होती है।
इसलिए इस बात को स्वीकार कर लेना हमारी चतुराई होगी कि यदि जीवन में कोई चीज हमारे प्राण नहीं लेती, तो वह हमें शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक मजबूत बना देगी।जैसा कि हम जानते हैं, सभी सफल व मुसकराते चेहरों के पीछे आम तौर पर एक मुश्किल कहानी होती है। जीवन कठिन परिश्रम औरअच्छे काम के बिना कभी बड़े पुरस्कार नहीं देता। और बाधाएँ आते- जाते हर बार आपको एक बेहतर इंसान बनती हैं- काफी कुछ उस पत्थर की तरह जो बार - बार रगड़े और पॉलिश किए जाने के बाद एक चमकते हुए हीरे में परिवर्तित हो जाता है। इसलिए जब भी आप किसी बाधा का सामना करें, इस बात की खुशी मनाएँ कि वह आपको और मजबूत बना रही है, और उस प्रक्रिया का आनंद लें।
'यदि आपकी गरदन टूट जाती है, यदि आपके पास खाने के लिए कुछ नहीं है, या यदि आपका घर जल रहा है, तब आपके सामने एक समस्या है। बाकी सब तो असुविधाएँ हैं। '
- रॉबर्ट फुल्लाम
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